संसार में केवल मनुष्य ही एकमात्र ऐसा प्राणी है… जिसका “ज़हर” उसके “दाँतों” में नहीं, “शब्दों ” में है…

18 दिन के युद्ध ने,द्रोपदी की उम्र को80 वर्ष जैसा कर दिया था… शारीरिक रूप से भीऔर मानसिक रूप से भी शहर में चारों तरफ़विधवाओं का बाहुल्य था.. पुरुष इक्का-दुक्का ही दिखाई पड़ता था अनाथ बच्चे घूमते दिखाई पड़ते थे और उन सबकी वह महारानीद्रौपदी हस्तिनापुर के महल मेंनिश्चेष्ट बैठी हुई शून्य को निहार रही […]

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